
पारदर्शी विकास न्यूज़ हमीरपुर। ज्योतिषाचार्य पं. अविनाश मिश्रा शास्त्री ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में ऐसे कई दोष और श्राप बताए गए हैं, जिनके कारण संतान प्राप्ति में बाधा आती है। इनमें सर्प दोष, पितृ दोष, मातृ दोष, भ्रातृ दोष, मामा दोष, ब्रह्म दोष, पत्नी दोष, प्रेत दोष और ग्रह दोष प्रमुख माने गए हैं।उन्होंने बताया कि इन दोषों का संबंध व्यक्ति के कर्मों और ग्रहों की स्थिति से माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पितृ दोष, सर्प दोष और ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति संतान सुख में रुकावट पैदा कर सकती है। ऐसे मामलों में धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य, पितरों का श्राद्ध, पूजा-पाठ और ग्रह शांति जैसे उपाय बताए गए हैं।पं. मिश्रा ने कहा कि कुंडली का सही विश्लेषण कर दोषों की पहचान की जानी चाहिए और योग्य विद्वान के मार्गदर्शन में ही उपाय करने चाहिए। उन्होंने बताया कि कई बार पंचम भाव, सप्तम भाव और राहु-केतु की स्थिति भी संतान प्राप्ति में विलंब का कारण बनती है। ज्योतिषीय उपायों के साथ सकारात्मक जीवनशैली और चिकित्सकीय परामर्श भी आवश्यक है।